NCC 'B' Certificate Complete Advanced Study Notes
अध्याय 1: NCC का संपूर्ण इतिहास, स्थापना और संगठन
1. स्थापना और समितियाँ (Establishment & Committees)
- प्रथम विश्व युद्ध और यूटीसी (UTC): भारत में कैडेट कोर की शुरुआत सबसे पहले प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के दौरान University Corps (UTC) के रूप में हुई थी, जिसका गठन भारतीय रक्षा अधिनियम 1917 के तहत किया गया था।
- INDC (Indian National Cadet Corps): वर्ष 1920 में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (Indian Universities Act) के तहत UTC का नाम बदलकर UOTC (University Officers Training Corps) कर दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसका विस्तार हुआ।
- कुंजरू समिति (Kunzru Committee): द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद, राष्ट्र निर्माण और युवाओं में अनुशासन के लिए पंडित हृदयनाथ कुंजरू की अध्यक्षता में जुलाई 1946 में एक समिति का गठन किया गया, जिसे National Cadet Corps Committee कहा गया।
- NCC अधिनियम (Act): कुंजरू समिति की सिफारिशों पर गवर्नर-जनरल द्वारा 16 अप्रैल 1948 को NCC Act (Act XXXI of 1948) पारित किया गया।
- आधिकारिक स्थापना: नेशनल कैडेट कोर (NCC) की आधिकारिक स्थापना 16 जुलाई 1948 को हुई थी (कुछ आधिकारिक दस्तावेजों में 15 या 16 अप्रैल का उल्लेख मिलता है, लेकिन विधिवत शुरुआत जुलाई 1948 में थल सेना प्रमुख जनरल करिअप्पा के समय हुई)।
- गर्ल्स विंग (Girls Division): एनसीसी में गर्ल्स डिवीजन की शुरुआत जुलाई 1950 में की गई थी, ताकि महिलाओं को भी सैन्य प्रशिक्षण और नेतृत्व का अवसर मिल सके।
- एयर और नेवी विंग: नौसेना विंग (Navy Wing) की शुरुआत जुलाई 1952 में और वायुसेना विंग (Air Wing) की शुरुआत अप्रैल 1950 में की गई थी।
2. संगठन और प्रशासनिक ढांचा (Organization & Hierarchy)
- मुख्यालय (Headquarters): NCC का मुख्य निदेशालय (HQ) नई दिल्ली में स्थित है।
- महानिदेशक (DG NCC): एनसीसी के सर्वोच्च प्रशासनिक प्रमुख डाइरेक्टर जनरल (DG) होते हैं, जो भारतीय थल सेना के तीन-स्टार रैंक (Lieutenant General) के अधिकारी होते हैं।
- निदेशालय (Directorates): पूरे भारत में कुल 17 NCC Directorate हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हैं।
- ग्रुप मुख्यालय (Group Headquarters): इन 17 डायरेक्ट्रेट्स के अंतर्गत कुल 81 ग्रुप मुख्यालय (Group HQs) आते हैं, जिनकी कमान ब्रिगेडियर या कर्नल रैंक के अधिकारी के पास होती है।
- यूटनिट्स और बटालियन (Units/Battalions): पूरे भारत में कुल 651 NCC Battalions / Units हैं (जिनमें आर्मी, नेवी और एयर स्क्वाड्रन शामिल हैं)।
- कैडेट्स की कुल संख्या: एनसीसी दुनिया का सबसे बड़ा uniformed youth organization है, जिसमें लगभग 17 लाख (1.7 Million) से अधिक कैडेट्स नामांकित हैं।
3. ध्येय वाक्य, गान और प्रतीक (Motto, Song & Crest)
- मोटो (Motto): NCC का मूल ध्येय वाक्य पहले "अनेकता में एकता और अनुशासन" था, जिसे बदलकर "एकता और अनुशासन" (Unity and Discipline) कर दिया गया। इसे आधिकारिक रूप से 23 दिसंबर 1957 को अपनाया गया था।
- NCC गान (Song): "हम सब भारतीय हैं, अपनी मंजिल एक है, हम सब का एक तारा, ये देश मेरा-मेरा..."। इस प्रसिद्ध गीत के रचयिता सुदर्शन फाकिर हैं। इसे आधिकारिक रूप से वर्ष 1982 में NCC गीत के रूप में अपनाया गया था।
- NCC ध्वज (Flag):
- ध्वज तीन रंगों की पट्टियों से मिलकर बना है: लाल (Red) - थल सेना, गहरा नीला (Dark Blue) - नौसेना, और हल्का नीला (Light Blue) - वायु सेना।
- ध्वज के ठीक बीच में सुनहरे रंग में NCC लिखा होता है और उसके नीचे तीन कमल के फूल होते हैं, जो तीनों सेनाओं (Army, Navy, Air Force) को दर्शाते हैं।
- ध्वज के चारों तरफ 17 कमल के फूल बने होते हैं जो देश के 17 डायरेक्ट्रेट्स का प्रतीक हैं।
अध्याय 2: राष्ट्रीय एकता, अखंडता और जागरूकता
1. राष्ट्रीय एकता की परिभाषा और अवधारणा
राष्ट्रीय एकता वह मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक भावना है जिसके तहत देश के सभी नागरिक जाति, धर्म, भाषा, नस्ल, लिंग और क्षेत्र के भेदों को भुलाकर खुद को एक सर्वोच्च राष्ट्र का अंग मानते हैं।
संविधान की प्रस्तावना (Preamble): भारत के संविधान की प्रस्तावना में "राष्ट्र की एकता और अखंडता" (Unity and Integrity of the Nation) शब्द 42वें संविधान संशोधन (1976) के द्वारा जोड़े गए थे।
2. राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्व (Threats to National Integration)
- सांप्रदायिकता (Communalism): जब एक धर्म के लोग दूसरे धर्म के प्रति द्वेष की भावना रखते हैं और अपने धर्म को सर्वोच्च मानते हैं। यह देश की एकता के लिए सबसे बड़ा आंतरिक खतरा है।
- क्षेत्रवाद (Regionalism): जब व्यक्ति अपने क्षेत्र, राज्य या भाषा को पूरे देश से ऊपर प्राथमिकता देता है (जैसे भाषावार राज्यों की मांग या सीमा विवाद)।
- जातिवाद (Casteism): जातिगत श्रेष्ठता की भावना और इसके आधार पर होने वाला भेदभाव, जो सामाजिक ताने-बाने को तोड़ता है।
- लिंग भेद (Gender Inequality): महिलाओं के प्रति असमान दृष्टिकोण और पितृसत्तात्मक सोच।
- आर्थिक असमानता और गरीबी: अमीर और गरीब के बीच की गहरी खाई, जो आंतरिक असंतोष को जन्म देती है।
3. राष्ट्रीय प्रतीक और सम्मान (National Symbols)
- राष्ट्रगान (National Anthem): 'जन गण मन'—मूल रूप से बंगाली भाषा में रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित। इसे संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया। इसके गायन की अवधि मानक रूप से 52 सेकंड (संक्षिप्त रूप 20 सेकंड) है।
- राष्ट्रगीत (National Song): 'वंदे मातरम'—बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास 'आनंदमठ' (1882) से लिया गया। इसे भी 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा दिया गया।
- राष्ट्रीय ध्वज (National Flag): तिरंगा—इसे पिंगली वेकैया द्वारा डिजाइन किया गया था। संविधान सभा द्वारा इसे 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होता है। इसमें सबसे ऊपर केसरिया (त्याग और साहस), बीच में सफेद (शांति और सत्य), और नीचे हरा (समृद्धि) रंग होता है, तथा बीच में 24 तीलियों वाला नीला अशोक चक्र होता है।
- राष्ट्रीय प्रतीक (State Emblem): सारनाथ स्थित अशोक के सिंह चतुर्मुख स्तंभ से लिया गया है। इसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था, जिसके नीचे सत्यमेव जयते (मुंडक उपनिषद से लिया गया) लिखा है।
अध्याय 3: ड्रिल और कमान (Drill & Command Standards)
1. ड्रिल का इतिहास और उद्देश्य
उत्पत्ति: ड्रिल की शुरुआत सबसे पहले 1666 में मेजर जनरल जर्मनी के ड्रिल्स द्वारा सेना में अनुशासन और समन्वय लाने के लिए की गई थी। भारतीय सेना में इसे ब्रिटिश काल से अपनाया गया है।
उद्देश्य: कैडेट्स में त्वरित आज्ञा-पालन की आदत विकसित करना, शरीर और मस्तिष्क का तालमेल बैठाकर स्मार्टनेस बढ़ाना, और टीम स्पिरिट मजबूत करना।
2. ड्रिल के प्रकार
- ओपन ड्रिल: युद्ध क्षेत्र या फील्ड एरिया में tactical movements के दौरान की जाने वाली ड्रिल।
- क्लोज ड्रिल: परेड ग्राउंड, औपचारिक समारोहों (Ceremonial) और शांति क्षेत्रों में नियमों के तहत की जाने वाली ड्रिल।
3. माप, दूरियां और कैडेंस
- सावधान पोजीशन: दोनों एड़ियां आपस में मिली हुई, पंजे 30 डिग्री के कोण पर खुले हुए, घुटने सीधे, पेट अंदर, छाती बाहर।
- विश्राम पोजीशन: बाएं पैर को अपनी जगह से 12 इंच बाईं ओर उठाना, एड़ियों के बीच 12 इंच का फासला।
- कदम की लंबाई: तेज चाल - 30 इंच | दौड़ के चल - 40 इंच | लंबा कदम - 33 इंच | छोटा कदम - 21 इंच।
- चाल की गति (Cadence): तेज चाल (Boys) - 120 कदम/मिनट | तेज चाल (Girls) - 110 कदम/मिनट | धीरे चाल - 70 कदम/मिनट।
4. वर्ड ऑफ कमान
कमान के दो स्पष्ट भाग होते हैं: (1) चेतावनी (Cautionary) - मानसिक रूप से तैयार करने के लिए ऊंचे स्वर में, और (2) कार्यवाही (Executive) - तेज और पैनी आवाज में तुरंत एक्शन के लिए।
अध्याय 4: शस्त्र प्रशिक्षण - एडवांस्ड टेक्निकल डेटा (Weapon Training)
1. 5.56mm INSAS Rifle
| विशेषता | तकनीकी विवरण |
|---|---|
| कैलिबर (Calibre) | 5.56 mm |
| वजन (बिना मैगजीन / भरी मैगजीन) | 3.6 किलोग्राम / 4.13 किलोग्राम |
| प्रभावी रेंज (Effective Range) | 400 मीटर (अधिकतम 1500-2000 मीटर) |
| थूक वेग (Muzzle Velocity) | 900 मीटर प्रति सेकंड (m/s) |
| मैगजीन क्षमता | 20 राउंड |
| बैरल खांचे (Grooves) | 6 खांचे (दाईं ओर मुड़े हुए - Right-hand twist) |
| फायरिंग दर | सामान्य: 60 राउंड/मिनट | तेज: 150 राउंड/मिनट |
2. .22 Deluxe Rifle & Mark IV
- कैलिबर व रेंज: .22 इंच, प्रभावी रेंज 25 गज (शुरुआती ग्रुपिंग और ज़ीरोइंग के लिए)।
- वजन व क्षमता: डिलीक्स का वजन 2.78 किग्रा, मैगजीन क्षमता 5 राउंड। मुज़ेल वेलोसिटी 1030 फीट/सेकंड।
3. फायरिंग के मूल सिद्धांत (HAT Rule)
- H - Holding (दुरुस्त पकड़): राइफल को कंधे और हाथों के बीच कस कर पकड़ना।
- A - Aiming (दुरुस्त निशाना): रियर साइट और फ्रंट साइट को टारगेट के बुलस-आई के साथ मिलाना।
- T - Trigger Operation (दुरुस्त ट्रिगर दबाव): सांस रोककर उंगली से लगातार पीछे की ओर दबाव डालना।
4. मिसफायर नियम (Hangfire)
गोली न चलने पर राइफल की नली (Muzzle) को कम से कम 30 सेकंड तक लक्ष्य की ओर ही साधे रखना चाहिए ताकि दुर्घटना से बचा जा सके।
अध्याय 5: मानचित्र अध्ययन (Map Reading & Numericals)
1. उत्तर के 3 प्रकार
- True North (ट्रू उत्तर): भौगोलिक उत्तरी ध्रुव की दिशा (कभी नहीं बदलती)।
- Magnetic North (मैग्नेटिक उत्तर): कंपास की सुई द्वारा दर्शाया जाने वाला उत्तर।
- Grid North (ग्रिड उत्तर): मानचित्र पर बनी ग्रिड लाइनों द्वारा दर्शाई गई दिशा।
2. ग्रिड संदर्भ (Grid References)
4-Figure GR: 1 किलोमीटर वर्ग के लिए (4 अंक)।
6-Figure GR: 100 मीटर की सटीकता के साथ सटीक बिंदु के लिए (6 अंक)।
3. उपकरण
सर्विस प्रोटेक्टर: सेल्युलाइड का पैमाना (लंबाई 6 इंच, चौड़ाई 2 इंच)।
प्रिज्मेटिक कंपास: चुंबकीय बेयरिंग 0° से 360° मापने के लिए।
अध्याय 6: फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट (FC & BC)
1. चीजें क्यों दिखाई देती हैं? (6S & 1M Rule)
Shape (आकार), Shadow (छाया), Silhouette (पृष्ठभूमि), Surface (सतह), Spacing (दूरी), Shine (चमक), और Movement (हलचल)।
2. सेक्शन फॉर्मेशन (6 प्रकार)
Single File, File, Arrowhead, Diamond, सेबियरहेड (Spearhead), और Extended Line Formation।
अध्याय 7: व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व (Personality Development)
- नेतृत्व के गुण: साहस (Courage), सत्यनिष्ठा (Integrity), निर्णय क्षमता (Decisiveness), न्यायप्रियता (Fairness), और सहनशीलता।
- समय व तनाव प्रबंधन: टू-डू लिस्ट बनाना, टालमटोल से बचना, योग, प्राणायाम और सकारात्मक दृष्टिकोण।
अध्याय 8: आपदा प्रबंधन (Disaster Management)
- आपदा के प्रकार: प्राकृतिक (भूकंप, बाढ़, सूखा, सुनामी) और मानव निर्मित (औद्योगिक दुर्घटनाएं, आतंकवाद, आग)।
- NDRF: आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत वर्ष 2006 में गठित।
- NCC कैडेट्स की भूमिका: घायलों को फर्स्ट एड देना, राहत शिविरों में मदद और यातायात नियंत्रण।
अध्याय 9: समाज सेवा और सामुदायिक विकास (Social Service)
- सामाजिक कुरीतियां: दहेज प्रथा (दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961), नशाखोरी, और कन्या भ्रूण हत्या।
- कार्यक्रम: स्वच्छ भारत अभियान, रक्तदान शिविर, और प्रौढ़ शिक्षा अभियान।
अध्याय 10: सशस्त्र सेनाएँ और कमान मुख्यालय (Armed Forces)
1. भारतीय थल सेना के 7 कमान मुख्यालय
| कमांड का नाम | मुख्यालय (Headquarters) |
|---|---|
| उत्तरी कमांड | उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) |
| पश्चिमी कमांड | चंडीमंदिर (हरियाणा) |
| दक्षिणी कमांड | पुणे (महाराष्ट्र) |
| पूर्वी कमांड | कोलकाता (पश्चिम बंगाल) |
| मध्य कमांड | लखनऊ (उत्तर प्रदेश) |
| दक्षिण-पश्चिमी कमांड | जयपुर (राजस्थान) |
| प्रशिक्षण कमांड (ARTRAC) | शिमला (हिमाचल प्रदेश) |
2. वीरता पुरस्कार
युद्धकाल: परम वीर चक्र (PVC), महावीर चक्र, वीर चक्र。
शांतिकाल: अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र।
अध्याय 11: पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण (Environment)
- प्रदूषण के प्रकार: वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण (डेसिबल में माप)।
- संरक्षण उपाय: वृक्षारोपण, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, सौर ऊर्जा, और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)।